Home => All News => ऊंचाई पर बढऩा है तो सही दिशा में बनाएं सीढिय़ां

ऊंचाई पर बढऩा है तो सही दिशा में बनाएं सीढिय़ां

vastu

वास्तु। ऊंचाई पर बढऩा चाहते हैं, धन और शांति कमाने की कामना रखते हैं तो घर बनवाते समय सीढिय़ों के डिजाइन पर जरूर गौर करें। क्योंकि वास्तु के अनुसार यदि सीढिय़ों का निर्माण सही दिशा में नहीं किया जाए तो तरक्की की ऊंचाई कम हो सकती है। यदि घर में बनी सीढिय़ों को वास्तु के अनुसार डिजाइन कर दिया जाए तो जल्दी ही घर में आने वाली बाधाएं दूर हो जाएंगी।

सबसे शुभ होती है उत्तर दिशा
उत्तर दिशा को सबसे शुभ माना गया है। हम भगवान की पूजा भी उत्तर या पूर्व दिशा में बैठकर करते हैं। यह सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करने वाली दिशा है। इसलिए वास्तुशास्त्र में भी कहा गया है कि घर में सीढिय़ों का निर्माण उत्तर से दक्षिण की ओर अथवा पूर्व से पश्चिम दिशा की ओर करवाना चाहिए। ध्यान रहे कि सीढिय़ां पूर्व दिशा की दीवार से लगी हुई नहीं हो। इसके अलावा दक्षिण-पश्चिम दिशा भी सीढिय़ों के निर्माण के लिए बेहतर है।

vastu

ईशान कोण से बचें
दक्षिण पूर्व में सीढिय़ों का होना भी वास्तु के अनुसार नुकसानदेय होता है। इससे बच्चों के स्वास्थ्य उतार-चढ़ाव बना रहता है। उत्तर पूर्व यानी ईशान कोण में सीढिय़ों का निर्माण नहीं करना चाहिए। इससे आर्थिक नुकसान, स्वास्थ्य की हानि, नौकरी एवं व्यवसाय में समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

vastuऐसे दूर करें वास्तु दोष
सीढ़ी के नीचे जूते-चप्पल एवं घर का बेकार सामान नहीं रखें। मिट्टी के बर्तन में बरसात का जल भरकर उसे मिट्टी के ढक्कन से ढंक दें। इसे सीढ़ी के नीचे मिट्टी में दबा दें। इससे घर का वास्तु दोष दूर होता है। इसके साथ ही सीढिय़ों के आरंभ और अंत में द्वार होना बेहतर है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *